नील हार्वे
रॉबर्ट नील हार्वे (8 अक्टूबर 1928) ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 1948 से 1963 के बीच 79 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। वे एक आक्रामक बाएं हाथ के बल्लेबाज और उत्कृष्ट क्षेत्ररक्षक के रूप में जाने जाते हैं।
प्रारंभिक जीवन और करियर
[संपादित करें]हार्वे ने जनवरी 1948 में 19 वर्ष की आयु में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। अपने दूसरे ही टेस्ट मैच में उन्होंने शतक बनाया और इस प्रकार टेस्ट शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में शामिल हो गए।[1]
वे 1948 में डॉन ब्रैडमैन की प्रसिद्ध "अजेय टीम" (Invincibles) के सबसे कम उम्र के सदस्य थे, जिसने इंग्लैंड का सफल दौरा किया था।
क्रिकेट करियर
[संपादित करें]हार्वे ने अपने करियर की शुरुआत बेहद प्रभावशाली ढंग से की। अपनी पहली 13 टेस्ट पारियों में उन्होंने छह शतक बनाए और 100 से अधिक का औसत बनाए रखा। इनमें 1949–50 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध चार शतक शामिल थे।
1950 के दशक में ब्रैडमैन के संन्यास के बाद हार्वे ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में से एक बन गए। वे 1957 से अपने करियर के अंत तक टीम के उपकप्तान रहे।
कप्तानी और नेतृत्व
[संपादित करें]हालाँकि हार्वे लंबे समय तक उपकप्तान रहे, उन्हें केवल एक टेस्ट मैच में कप्तानी का अवसर मिला। 1957 में कप्तानी के लिए इयान क्रेग को चुना गया, और बाद में रिची बेनो को टीम की कमान सौंपी गई।
सम्मान
[संपादित करें]हार्वे को 2009 में आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया गया, जहाँ वे शामिल होने वाले पहले 55 खिलाड़ियों में से एक थे।